छत्तीसगढ़ से ब्युरो रिपोर्ट रोशन कुमार सोनी

कोरबा: 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व के दिन शुष्क दिवस मनाया जाता है. इस दिन मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होता है, लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे कोसाबाड़ी स्थित शहर के बीचो बीच संचालित रिशु बार में धड़ल्ले से शराब की बिक्री की गयी बार के समक्ष कर्मचारी तैनात रहे,जो आने जाने वालों को चुपके से पैसे लेकर शराब की बोतल थमा रहे थे. इतना ही नहीं आम दिनों में शराब की जो कीमत होती है, उससे दोगुने दाम पर मदिरा प्रेमियों को शराब मुहैया कराया जा रहा था. पुलिस और प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं लगी. अधिकारी महज आदेश जारी कर जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं.इन दामों में मुहैया कराई जा रही थी शराब एक वेब चैनल के पास शराब खरीदी बिक्री और इसके बातचीत का वीडियो मौजूद है. जिसे एक ग्राहक ने मुहैया कराया है. कर्मचारी ग्राहक से बातचीत कर रहे हैं कि गोआ और नंबर 1 का क्वार्टर का मूल्य 450 और 400 रुपये हैं. कर्मचारी ने कहा कि 3 पेग दे रहा हूं इसलिए दाम 450 है तो बियर में 500 और किंगफिशर 400 रुपये प्रति बोतल मिलेगी. आम दिनों में एक क्वार्टर मदिरा की कीमत महज 200 रुपये होती है. बियर भी 200 से 210 रुपये के बीच उपलब्ध हो जाता है, लेकिन शुष्क दिवस का फायदा उठाकर बार के कर्मचारी सीधे दोगुना दाम मदिरा प्रेमियों से वसूल रहे थे. जिस पर स्थानीय रामपुर पुलिस चौकी के साथ ही आबकारी विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है ।26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व के दिन शुष्क दिवस और मदिरा के बिक्री पर प्रतिबंध होने का आदेश कलेक्टर ने एक दिन पहले ही जारी कर दिया था. आदेश में स्पष्ट तौर पर 26 जनवरी को किसी भी बार या सरकारी मदिरा की दुकानों से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का उल्लेख है. इसके बाद भी शहर के बीचो-बीच रिशु बार में धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी रही, बल्कि इसे बार के कर्मचारी एक अवसर के तौर पर देख रहे थे और मदिरा प्रेमियों से दोगुना कीमत वसूल कर रहे थे,
अब सवाल उठता है की कार्यवाही करें तो कौन करें रामपुर देसी शराब दुकान के सामने दर्जनों चकना दुकानों में दिनदहाड़े खुलेआम शराब पिलाई जाती है जिससे आने जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जबकि शराब दुकान से महज आधा किलोमीटर के अंदर में एसपी ऑफिस, कलेक्ट्रेट , नगर निगम रामपुर चौकी आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का ऑफिस लेकिन कारवाही करने वाला कोई नहीं सूत्रों की माने तो चखना दुकानों से कार्यवाही करने वाले विभागों का हफ्ता बंधा हुआ है शायद यही कारण है कि कार्यवाही करने कोई विभाग सामने नहीं आ रहा है जिसके कारण हर दिन कानून का उल्लंघन हो रहा है ।

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