सागर
जीवनरक्षक 108 सेवा का दुरुपयोग
आपातकालीन सेवाओं के लिए संचालित 108 एम्बुलेंस का गंभीर दुरुपयोग सामने आया है। सागर में सरकारी एम्बुलेंस मरीजों की जगह सवारियां ढोते हुए कैमरे में कैद हुई है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बस स्टैंड से यात्रियों को बैठाते दिखे चालक
बुधवार सुबह करीब 5 बजे सागर के मुख्य बस स्टैंड पर 108 एम्बुलेंस (क्रमांक CG 04 NZ 1210) सहित अन्य एम्बुलेंस खड़ी नजर आईं। वायरल वीडियो में एम्बुलेंस चालक यात्रियों को आवाज देकर बुलाते और उन्हें वाहन में बैठाते दिखाई दे रहे हैं।
मरीज छोड़ने के बाद शुरू होता है ‘सवारी सेवा’ का खेल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एम्बुलेंस आसपास के क्षेत्रों से मरीजों को जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) लाती हैं। मरीजों को छोड़ने के बाद लौटते समय ये एम्बुलेंस बस स्टैंड पहुंच जाती हैं और सवारियां भरकर अपने-अपने रूट पर निकल जाती हैं।
बताया जा रहा है कि यह सिलसिला हर दूसरे-तीसरे दिन सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच चलता है, जब शहर में हलचल कम रहती है।
आपातकालीन सेवा पर खतरा
108 एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क हादसे, प्रसव पीड़ा, हार्ट अटैक जैसे गंभीर मामलों में तत्काल मदद पहुंचाना है। लेकिन यदि यही एम्बुलेंस सवारी ढोने में व्यस्त रहेंगी, तो आपातकालीन कॉल के दौरान मरीजों को समय पर सहायता नहीं मिल पाएगी, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
जांच के निर्देश, जीपीएस से खंगाली जाएगी लोकेशन
मामले में 108 सेवा प्रबंधन ने जांच की बात कही है।
108 सेवा के मैनेजर कृष्ण कुमार के अनुसार, जीपीएस के माध्यम से संबंधित एम्बुलेंस की लोकेशन निकाली जाएगी और यदि चालक दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


.gif
)
एक टिप्पणी भेजें