छत्तीसगढ़ से ब्युरो रिपोर्ट रोशन कुमार सोनी


सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव को जल्द ही सार्वजनिक किए जाने की संभावना

नई दिल्ली। Digital Id Card: केंद्र सरकार लंबे समय से सोच रही है कि देश के हर नागरिक के पास डिजिटल आईडी हो। अब इस पर तेजी से काम करना संभव है। भविष्य में देश के हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल आईडी दी जाएगी। इस आईडी के जरिए संबंधित व्यक्ति के पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस से पासपोर्ट नंबर और आधार कार्ड भी लिंक हो जाएगा।

अलग-अलग आईडी की आवश्यकता नहीं होगी

यह देश के नागरिकों के लिए बहुत सुविधाजनक होगा क्योंकि सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। आधार, पैन या लाइसेंस के सत्यापन के लिए अलग-अलग आईडी की आवश्यकता नहीं होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय इस समय डिजिटल आईडी की इस नई तकनीक पर काम कर रहा है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव को जल्द ही सार्वजनिक किए जाने की संभावना है और नागरिकों की प्रतिक्रिया 27 फरवरी तक पता चल जाएगी।

जनमत के मुताबिक सरकार प्रस्ताव में जरूरी बदलाव कर डिजिटल आईडी पर काम कर सकती है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए एक अद्वितीय डिजिटल आईडी रखने का प्रयास करता है। मंत्रालय ने मॉडल को ‘फेडरेटेड डिजिटल आइडेंटिटीज’ करार दिया है।फेडरेटेड डिजिटल आइडेंटिटी मॉडल के तहत अलग-अलग आईडी को मिलाकर एक आईडी बनाई जाएगी और इसे हर भारतीय नागरिक को दिया जाएगा। यह एक ही डिजिटल आईडी में पैन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लिंक करेगा।

केवाईसी विवरण भरना

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि डिजिटल आईडी से नागरिकों को कई सुविधाएं मिलेंगी। किसी भी कार्य के लिए आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी केवल डिजिटल आईडी के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। एक डिजिटल आईडी एक रजिस्ट्रार की कुंजी के रूप में कार्य करेगी जहां सभी राज्य और केंद्र सरकार की आईडी संग्रहीत की जाएंगी। लोग डिजिटल आईडी की मदद से तीसरे पक्ष की सेवाओं तक भी पहुंच सकते हैं। उन्हें बस इतना करना है कि केवाईसी विवरण भरना है।

मान लीजिए कोई आधार नंबर, पैन कार्ड और लाइसेंस नंबर को मिलाना चाहता है तो उसे डिजिटल आईडी में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल लोगों को इन तीनों के लिए अलग-अलग नंबर देने पड़ रहे हैं। लेकिन डिजिटल आईडी के साथ ऐसा नहीं है। आपको केवल एक आईडी पर सभी सुविधा उपलब्ध की जाएगी।

डिजिटल आईडी में क्या होता है?

प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक डिजिटल आईडी अद्वितीय होगी, यह किसी अन्य आईडी के समान नहीं होगी। विदेशों में भी इस तरह की आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार बहुत पहले से विचार कर रही थी। क्योंकि अगर ऐसी कोई यूनिक आईडी बनती है तो केंद्र और राज्य सरकारों की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यह बहुत उपयोगी होगी। फर्जी दस्तावेज घोटाला, भ्रष्टाचार भी रुकेगा। यह जनता को विभिन्न दस्तावेज जमा करने की परेशानी से भी छुटकारा दिलाएगा।


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