सागर |
मार्च का आधा महीना बीतते ही देश के कई हिस्सों में तेज गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय तापमान में लगातार बढ़ोतरी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। इसी बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है, जिससे मौसम विभाग ने 34 जिलों में अलर्ट जारी किया है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर, बदला मौसम का मिजाज
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से 18 मार्च से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के प्रभाव से कई जिलों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। सागर जिले के कुछ हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिला है।
तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि, किसानों की बढ़ी चिंता
सागर जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। खेतों में खड़ी फसल के बीच गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसल को नुकसान की आशंका से किसानों के चेहरे पर परेशानी साफ देखी जा रही है।
बीना के सेमरखेड़ी में गिरे ओले, अजीब रहा मौसम का मिजाज
सागर जिले की बीना तहसील के सेमरखेड़ी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर झमाझम बारिश के साथ ओले गिरे। हैरानी की बात यह रही कि ओलावृष्टि के समय आसमान साफ था, लेकिन कुछ ही देर में मौसम ने अचानक करवट ली और बारिश शुरू हो गई।
गर्मी से मिली राहत, लेकिन फसलों को नुकसान का खतरा
तेज हवाओं और बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदल गई है।
किसानों की चिंता: फसल को भारी नुकसान की आशंका
स्थानीय किसान मुन्ना सिंह के अनुसार, इस ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। अनाज में दाग आने से उसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों प्रभावित होंगी, वहीं कई फसलें टूटकर बर्बाद होने की आशंका है।

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