सागर/बीते दिन सागर के मकरोनिया क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में एक महिला की मौत होने के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे,वहीं कुछ लोगों ने मामले की शिकायत शिवसेना राज्य संगठक मनी सिंह गुरोन से भी की थी,घटना पर दुख जताते हुए मनी सिंह ने इस विषय को जांच के दायरे में लाते हुए जिला प्रशासन के संज्ञान में लाने की बात कही थी,गौरतलब है कि मनी सिंग लंबे समय से मकरोनिया क्षेत्र में संचालित कई प्राइवेट नर्सिंग होम द्वारा बरती जा रही लापरवाही के विरोध में उग्र अंदाज में है,उनका कहना है कि थोड़े से पैसे की लालच में अस्पताल प्रबंधन अपने कर्म और जिम्मेदारी से खिलवाड़ नहीं कर सकता,डॉक्टर को लोग भले ही भगवान कहते हैं लेकिन उनकी लापरवाही से किसी भी मरीज या आम व्यक्ति की जान जाना क्षमा योग्य नहीं हो सकता,
मनी सिंह का कहना है की हर मामले में डॉक्टर को ही दोषी भी नहीं माना जा सकता क्योंकि कोई भी डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके मरीज के साथ कोई अनहोनी हो,बाबजूद इसके जब इस तरह की घटनाएं घट जाती हैं,तो व्यवस्था कहीं ना कहीं संदेह के दायरे में जरूर आ जाती है,उन्होंने कहा है की नर्सिंग होम के स्टाफ और व्यवस्थाओं की जांच हेतु जिला कलेक्टर से लेकर मानव अधिकार आयोग मध्य प्रदेश और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाने से भी पीछे नहीं हटूंगा,क्योंकि पिछले कुछ समय में निजी अस्पतालों में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जो कहीं ना कहीं डॉक्टरी पेसे पर सवालिया निशान लगा चुकी हैं,जिससे डॉक्टर और मरीज के बीच में बना बरसों का भरोसा धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है अगर यह क्रम ऐसे ही चलता रहा तो यह विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा,और लोग डॉक्टर के पास जाने से भी कतराएंगे,मनी सिंह बचपन से ही स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच रहे हैं और उन्हें इस पेसे की सभी बारीकियों का पूरा अनुभव है,इसीलिए वो किसी भी कीमत पर स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर पाते,और यही कारण है कि जब आसपास इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सबसे पहले उन्हीं की प्रतिक्रिया सामने आती है,अब देखना होगा की मेडिकल फील्ड के जानकार और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मनी सिंह इस मामले को कहां तक ले जाते है।


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