विशेष रिपोर्ट-अर्पित बिल्थरे
बाज़ार में आजकल बच्चों की पसंद के नाम पर 'सस्ता' और 'खतरनाक' खेल धड़ल्ले से चल रहा है। अगर आप भी अपने बच्चे के हाथ में 5 रुपये वाला रंग-बिरंगा चॉकलेट अंडा थमाकर उसे खुश समझ रहे हैं, तो रुकिए! यह खुशी आपके बच्चे को अस्पताल के बिस्तर तक पहुँचा सकती है।
हाल ही में सामने आए दो अलग-अलग उत्पादों के विश्लेषण ने फूड सेफ्टी की पोल खोल कर रख दी है। एक तरफ नामी ब्रांड 'Kinder Joy' है, जिसकी कीमत 50 रुपये है, तो दूसरी तरफ 'Super Kidz' नाम का एक सस्ता विकल्प, जो मात्र 5 रुपये में बिक रहा है। लेकिन इन दोनों के बीच का अंतर सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि 'जीवन और मौत' का है।
बिना '' (MFD/EXP) प्रमाणपत्र के बिक रहा है मौत का सामान!
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि 50 रुपये वाले पैक पर निर्माण तिथि (18 OCT 2025) और एक्सपायरी डेट (16 MAY 2026) स्पष्ट रूप से अंकित है। वहीं, 5 रुपये वाले 'Super Kidz' के पैकेट से यह महत्वपूर्ण जानकारी गायब है।
कानूनी पेंच: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार, बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के कोई भी खाद्य पदार्थ बेचना एक गंभीर अपराध है। बिना तारीख वाली यह चॉकलेट कब बनी? क्या यह खराब हो चुकी है? इसमें कौन से घटिया तेल का इस्तेमाल हुआ है? इसका कोई हिसाब नहीं है।
कौन सी चॉकलेट है 'फायदेमंद' और कौन सी 'हानिकारक'?
सीधा और कड़वा सच तो यह है कि चॉकलेट (चीनी और फैट से भरपूर) को 'फायदेमंद' कहना तकनीकी रूप से गलत होगा, लेकिन 'सुरक्षित' और 'असुरक्षित' के बीच एक लंबी लकीर है:
- सुरक्षित (Kinder Joy): इसके पीछे बकायदा पोषण मूल्य (Nutritional Info), FSSAI लाइसेंस नंबर और सबसे जरूरी—एक्सपायरी डेट दी गई है। यह एक जवाबदेह कंपनी का उत्पाद है।
- खतरनाक (Super Kidz): बिना एक्सपायरी डेट वाली यह चॉकलेट बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसमें इस्तेमाल होने वाले घटिया स्तर के 'कोको सब्स्टीट्यूट' और 'हाइड्रोजनेटेड फैट' बच्चों के लिवर और पाचन तंत्र को बुरी तरह डैमेज कर सकते हैं।
अभिभावकों के लिए 'अलर्ट'
सस्ता होने के चक्कर में अक्सर छोटे गांवों और शहरों की दुकानों पर ये बिना मानक वाले उत्पाद बेचे जाते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि एक्सपायर्ड या खराब क्वालिटी की चॉकलेट खाने से बच्चों को:
- फूड पॉइजनिंग और लगातार उल्टियाँ।
- पेट में गंभीर संक्रमण।
- त्वचा पर चकत्ते और एलर्जी हो सकती है।
अखबार की राय: 5 रुपये बचाने की कीमत अपने बच्चे की सेहत देकर न चुकाएं। पैकेट पर FSSAI का हरा निशान, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जरूर देखें। अगर ये गायब हैं, तो समझ लीजिए कि आप अपने बच्चे को चॉकलेट नहीं, बल्कि धीमा जहर खिला रहे हैं।
जागिए, इससे पहले कि देर हो जाए!


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