छतरपुर। जनपद पंचायत गौरिहार के ग्राम चंद्रपुरा से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सरपंच-सचिव की कथित मनमानी से जिंदा हितग्राहियों को कागजों में मृत घोषित कर उनकी समग्र आईडी से नाम तक हटा दिया गया। इतना ही नहीं, विधवा पेंशन और खाद्यान्न पर्ची भी बंद कर दी गई, जिससे पीड़ित परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम निवासी गिरजा विश्वकर्मा ने जिला पंचायत सीईओ को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत के सचिव अमर सिंह ने फर्जी तरीके से उन्हें मृत दिखाकर समग्र आईडी से नाम हटा दिया। इसके चलते उनकी विधवा पेंशन और राशन सुविधा भी बंद कर दी गई, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं।
आरोपों के मुताबिक, सरपंच रजुलिया पाल के पुत्र राजाभैया पाल का पंचायत पर पूरा नियंत्रण है और वही फैसले ले रहा है। पीड़िता का कहना है कि राजाभैया पाल ने खुलेआम धमकी दी कि “चुनाव में वोट नहीं दिया, इसलिए किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।”
इसी तरह कल्लू अहिरवार ने भी शिकायत दर्ज कराई है कि उसे मृत दर्शाकर समग्र आईडी से नाम हटा दिया गया और 2022 से उसका भृत्य मानदेय भी रोक दिया गया है, जबकि वह 2005-06 से पंचायत में कार्यरत है।
रामबाई रैकवार ने भी समान आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें भी फर्जी तौर पर मृत घोषित कर पेंशन और राशन से वंचित कर दिया गया। सभी पीड़ितों ने एक सुर में आरोप लगाया कि सरपंच पुत्र की नाराजगी के चलते योजनाओं का लाभ रोका जा रहा है।
पीड़ितों ने जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर सभी योजनाएं बहाल करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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