शाहगढ़। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं ने इलाके में सनसनी फैला दी है। एक ओर जहां स्वामी विवेकानंद वार्ड में 28 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, वहीं दूसरी ओर नीमचार गांव में 85 वर्षीय बुजुर्ग ने भी ऐसा ही खौफनाक कदम उठाया। दोनों ही मामलों में मौत के पीछे की असल वजह अब तक रहस्य बनी हुई है।
समाजसेवी परिवार का इकलौता बेटा उठा गया यह कदम
जानकारी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद वार्ड निवासी समाजसेवी राजेंद्र जैन के पुत्र रितिक जैन ने शनिवार देर रात अपने ही घर के कमरे में फांसी लगा ली। रितिक धार्मिक गतिविधियों और साधु-संतों की सेवा में हमेशा आगे रहता था। चार बहनों के बीच इकलौता भाई होने के कारण परिवार की उम्मीदों का केंद्र था।
बताया जा रहा है कि रितिक घुवारा में कपड़ों का व्यवसाय करता था और शाहगढ़ में श्रृंगार सामग्री व वीडियोग्राफी का काम भी संभाल रहा था। शनिवार रात करीब 12 बजे तक वह घर के बाहर सामान्य रूप से बैठा देखा गया, लेकिन सुबह 5 बजे जब परिजन जागे तो कमरे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
नीमचार गांव में बुजुर्ग का दर्दनाक अंत
वहीं, बीला थाना क्षेत्र के नीमचार गांव में 85 वर्षीय रामप्रसाद यादव ने शुक्रवार देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रामप्रसाद अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, रामप्रसाद मेहनती व्यक्ति थे और घर में करीब दस भैंसों का पालन कर दूध बेचकर अपना जीवन यापन करते थे। बताया जाता है कि वह अक्सर भगवान से अपने जीवन के अंत की प्रार्थना करते थे, लेकिन आत्महत्या जैसा कदम उठाने की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है।
जांच में जुटी पुलिस, उठ रहे कई सवाल
दोनों ही घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक युवा और एक बुजुर्ग को ऐसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया? इन सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।


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