सागर। कैंट थाना क्षेत्र में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, बार, कैफे एवं अन्य व्यावसायिक परिसरों में कथित अनियमितताओं और अवैधानिक गतिविधियों को लेकर शिवसेना राज्य संगठक (म.प्र.) मनी सिंह गुरोन (MSG) ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन भेजकर पूरे क्षेत्र की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में विशेष रूप से कलेक्टर बंगले के समीप एवं जोग्गेर्स पार्क के सामने स्थित रेस्टोरेंट को लेकर सार्वजनिक रूप से सामने आए आरोपों का उल्लेख किया गया है। MSG ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के आरोप को अंतिम सत्य मानने के बजाय संबंधित प्रतिष्ठान सहित पूरे कैंट थाना क्षेत्र के होटल-रेस्टोरेंटों की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
“आरोप सही हैं या गलत, फैसला जांच से हो”
मनी सिंह गुरोन ने कहा कि यदि किसी प्रतिष्ठान को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच के बाद यदि आरोप निराधार हैं तो स्थिति स्पष्ट होगी और यदि नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि कैंट क्षेत्र में रात्रिकालीन सरप्राइज चेकिंग और विशेष पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही शराब के लाइसेंस, स्टॉक, बिक्री और निर्धारित समय-सीमा की जांच की जाए। नशीले पदार्थों, संदिग्ध गतिविधियों तथा अनैतिक गतिविधियों संबंधी शिकायतों का भी विधि अनुसार सत्यापन कराया जाए।
इसके अलावा प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच, कर्मचारियों एवं आवश्यक रिकॉर्ड का सत्यापन तथा खाद्य पदार्थों, पानी, खाद्य तेल, किचन की स्वच्छता और FSSAI लाइसेंस की जांच कराने की मांग की गई है।
5 जगह भेजा गया ज्ञापन
MSG ने बताया कि मांग को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन 5 स्थानों पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित संबंधित विभागों को शामिल किया गया है।
ज्ञापन के अनुसार स्पीड पोस्ट की बुकिंग 12 सितंबर 2026 की रात करीब 9:20 से 9:24 बजे के बीच की गई।
संयुक्त टीम से जांच की मांग
ज्ञापन में पुलिस, आबकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम सहित संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर आकस्मिक जांच अभियान चलाने की मांग की गई है।
मनी सिंह गुरोन ने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी होटल, रेस्टोरेंट या अन्य प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन अथवा कोई अवैधानिक गतिविधि प्रमाणित होती है तो केवल समझाइश देकर मामला समाप्त न किया जाए, बल्कि संबंधित कानून के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान को बदनाम करना नहीं है। उद्देश्य केवल इतना है कि कानून सभी के लिए समान हो और जनता की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।


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