सतनाम नर्सिंग होम की सराहनीय पहल, हर साल शारदीय नवरात्रि में निभाते हैं बेटी के सम्मान का संकल्प; सामान्य प्रसव को प्राथमिकता देना भी अस्पताल की खासियत
सागर। मां शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि में कन्या के जन्म को खुशियों का उत्सव बनाने के उद्देश्य से मकरोनिया स्थित सतनाम नर्सिंग होम में एक सराहनीय पहल की जा रही है। सतनाम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मनी सिंह गुरोन और सोसाइटी की कोषाध्यक्ष एवं सतनाम नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. त्रिपत कौर द्वारा हर वर्ष शारदीय नवरात्रि में यह पहल लगातार की जाती है। इसके तहत नवरात्रि के दौरान अस्पताल में जन्म लेने वाली पहली कन्या के प्रसव और उपचार से संबंधित अस्पताल का पूरा खर्च दोनों मिलकर उठाते हैं। इस पहल का उद्देश्य बेटी के जन्म की खुशियों को बढ़ाना और परिवार को आर्थिक चिंता से राहत देना है।
मनी सिंह गुरोन और डॉ. त्रिपत कौर का मानना है कि बेटी का जन्म किसी भी परिवार के लिए खुशियों का अवसर है। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है और कन्या पूजन के माध्यम से बेटियों के सम्मान का संदेश दिया जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए दोनों हर वर्ष इस सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हैं, ताकि नवरात्रि के पावन अवसर पर जन्म लेने वाली पहली कन्या के परिवार को आर्थिक राहत मिल सके और वह अपनी बेटी के आगमन की खुशियां बिना अतिरिक्त आर्थिक चिंता के मना सके।
सामान्य प्रसव को प्राथमिकता देना सतनाम नर्सिंग होम की खासियत
सतनाम नर्सिंग होम की एक खास विशेषता सामान्य प्रसव को प्राथमिकता देना रही है। अस्पताल में सामान्य प्रसव को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है और चिकित्सकीय रूप से संभव होने पर ऑपरेशन से बचने पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि, प्रसव का तरीका मां और बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय किया जाता है तथा जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी आवश्यक हो सकता है। अस्पताल का प्रयास रहता है कि मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा मिले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सेवा और संवेदना के साथ बेटियों के सम्मान का संदेश
सतनाम नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. त्रिपत कौर चिकित्सा सेवाओं के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी महत्व देती हैं। वहीं, सतनाम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मनी सिंह गुरोन समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। दोनों द्वारा हर वर्ष शारदीय नवरात्रि में इस पहल को निरंतर आगे बढ़ाना बेटी के सम्मान और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान और बेटियों के महत्व का संदेश देता है। ऐसे में कन्या के जन्म पर अस्पताल का पूरा खर्च उठाने की यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि नवजात बेटी के स्वागत और सम्मान का भावनात्मक संदेश भी है।
मनी सिंह गुरोन और डॉ. त्रिपत कौर की यह पहल संदेश देती है कि बेटी का जन्म चिंता नहीं, बल्कि खुशियों का अवसर है। हर वर्ष शारदीय नवरात्रि में इस सेवा संकल्प को निभाकर दोनों कन्या सम्मान, मानवीय संवेदना और समाजसेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।


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