आम बजट 2026 में आम आदमी को आयकर के मोर्चे पर कोई सीधी राहत नहीं मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 85 मिनट के बजट भाषण में स्पष्ट किया कि आयकर स्लैब और कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ से मुकाबले और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील्स के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं।
वित्त मंत्री ने देश के भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रोजगार, तकनीक और निवेश को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि भारत का एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और वर्ष 2030 तक इसमें करीब 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसके लिए मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहयोग दिया जाएगा तथा देश के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
डेटा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्लाउड कंपनियों को वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने की घोषणा की है। इससे देश में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा और विदेशी तथा घरेलू निवेश को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड रखा गया है, जिससे नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्य
वित्त मंत्री ने बजट में सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्य बताए—
पहला, आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना।
दूसरा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए उनकी क्षमताओं का निर्माण करना।
तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आधारित समावेशी विकास सुनिश्चित करना।
छोटे व्यापारियों और रोजगार पर फोकस
कूरियर एक्सपोर्ट की सीमा हटाने से अब छोटे निर्यातक, ई-कॉमर्स विक्रेता और एमएसएमई भी वैश्विक बाजार तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा, अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र के लिए 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित किया जाएगा और 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्र’ की व्यवस्था लागू की जाएगी, जो छोटे उद्योगों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार से जोड़ने का कार्य करेंगे।
शेयर बाजार रहा निराश
बजट घोषणाओं से शेयर बाजार को कोई खास राहत नहीं मिली। रविवार को सेंसेक्स 1546 अंकों की गिरावट के साथ 80,722 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी करीब 1.96 प्रतिशत गिरा। वर्ष 2014 से अब तक पेश किए गए 15 बजटों में से 8 बार बजट के बाद बाजार में गिरावट दर्ज की गई है।
सस्ता–महंगा क्या हुआ
केंद्र सरकार ने 17 प्रकार की कैंसर दवाओं सहित कई जरूरी वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई है। स्मार्टफोन, टैबलेट, सोलर पैनल, चमड़े के सामान, ईवी बैटरी और खेल उपकरण सस्ते होंगे।
वहीं, आयातित छातों, बड़े ब्रांड के लैपटॉप और कुछ मशीनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे वे महंगे होंगे।
आयकर से जुड़े अहम बदलाव
आयकर छूट सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जिन करदाताओं की आय व्यवसाय या पेशे से है और जिनका ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त कर दी गई है। रिटर्न में त्रुटि होने पर 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा। देर से रिटर्न दाखिल करने पर आय के आधार पर 1,000 से 5,000 रुपए तक लेट फीस लगेगी।
शेयर बायबैक से मिलने वाली राशि को अब कैपिटल गेन माना जाएगा, जिससे छोटे निवेशकों पर असर पड़ सकता है।
नई टैक्स रिजीम के तहत स्लैब
0 से 4 लाख रुपये तक – शून्य कर
4 से 8 लाख – 5%
8 से 12 लाख – 10%
12 से 16 लाख – 15%
16 से 20 लाख – 20%
24 लाख से अधिक – 25% से 30%
कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स में राहत की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है, लेकिन सरकार ने भविष्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी विकास के लिए व्यापक खाका प्रस्तुत किया है।
बजट 2026: आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं, अमेरिकी टैरिफ से मुकाबले के लिए रोडमैप
बुन्देली मीडिया एंटरप्राइजेज
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नई दिल्ली


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