सागर/
अनुभवी थाना प्रभारी आनंद सिंह ठाकुर वर्तमान में सागर जिले के सिविल लाइन थाना में पदस्थ हैं। इससे पूर्व वे मालथौन थाना (सागर), गौरझामर, बंदरी, सागर कोतवाली तथा दमोह कोतवाली थाना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विभिन्न जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त व प्रभावी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है।
अपने सेवाकाल में थाना प्रभारी आनंद सिंह ठाकुर ने
अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई,
गंभीर अपराधों का सफल खुलासा,
अवैध गतिविधियों पर अंकुश,
तथा जनता की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेकर समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
मालथौन और सागर कोतवाली में रहते हुए उन्होंने चोरी, मारपीट एवं आपराधिक मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया। वहीं दमोह कोतवाली में पदस्थापना के दौरान विशेष अभियानों के माध्यम से बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण स्थापित किया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ।
इसी बीच दमोह कोतवाली थाना प्रभारी रहते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने उन्हें जनता के बीच “रियल सिंघम” की छवि दिला दी। वायरल वीडियो में टीआई आनंद सिंह ठाकुर अकेले ही उपद्रवियों से भिड़ते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि कुछ उपद्रवी कोतवाली थाने का घेराव कर हाथ काटने जैसी धमकियां दे रहे थे। इस पर टीआई आनंद ठाकुर ने माइक थामते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा—
“मैं अकेला आ रहा हूं, हाथ लगाकर दिखाओ।”
वीडियो में वह उपद्रवियों से पूछते नजर आते हैं कि क्या हंगामा करने से समाधान हो जाएगा। उनकी सख्त चेतावनी और बुलंद आवाज के बाद भीड़ की नारेबाजी धीरे-धीरे शांत हो जाती है। टीआई आनंद ठाकुर का कहना था—
“ये कौन सी बात होती है कि हाथ काट देंगे… जब मैं कह रहा हूं कि कार्रवाई होगी, तो होगी।”
उनकी इस निर्भीकता और सख्ती से मौके पर हालात नियंत्रित हो गए और बड़ा उपद्रव टल गया। यही कारण है कि उनका यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने उनकी कार्यशैली की जमकर सराहना की।
वर्तमान में सागर के सिविल लाइन थाना प्रभारी के रूप में भी आनंद सिंह ठाकुर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रहे हैं। उनके नेतृत्व में नियमित पेट्रोलिंग, संदिग्धों पर निगरानी और त्वरित विवेचना की जा रही है, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों का कहना है कि आनंद सिंह ठाकुर एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और निडर अधिकारी हैं, जिनकी कार्यप्रणाली से पुलिस पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
यह स्पष्ट है कि वे जहां भी पदस्थ रहे, वहां अपराधियों में खौफ और जनता में भरोसा कायम हुआ।


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