सागर में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, मामला डॉक्टर दीपांशु दुबे के बरगद हॉस्पिटल का है। केशवगंज वार्ड निवासी मुरारी सजरोरिया को चार दिन पहले हाथ-पैर और सिर में झुनझुनी की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि जांच के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई और ऑपरेशन की सलाह देते हुए करीब 7 लाख रुपये खर्च बताया।
आरोप है कि देर रात इलाज के दौरान मरीज को एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर मुरारी सजरोरिया को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण ही उनकी जान गई।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मृतक मुरारी सजरोरिया टेंट हाउस का काम करते थे और अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके छोटे-छोटे बच्चों के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई


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