सागर/भोपाल 

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले कई महत्वपूर्ण निर्णय और उपलब्धियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हित में राज्य सरकार की आगामी योजनाओं का खाका पेश किया।

नौरादेही अभयारण्य में जल्द गूंजेगी चीतों की दहाड़

​मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सागर स्थित रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) अब चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। कूनो और गांधी सागर के बाद, अगले दो महीनों के भीतर यहाँ भी चीते छोड़े जाएंगे। प्रदेश में चीतों का कुनबा बढ़ने पर खुशी जताते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में 5 नए शावकों के जन्म से यह अभियान और सफल हुआ है। इसके साथ ही जलीय जैव-विविधता बढ़ाने के लिए विभिन्न जल क्षेत्रों में घड़ियाल और कछुए भी छोड़े जाएंगे।

खेल और शिक्षा में एमपी का दबदबा

​मुख्यमंत्री ने टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर पूरी मंत्रि-परिषद् की ओर से बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि इस जीत ने वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। साथ ही, UPSC-2026 के परिणामों में मध्य प्रदेश के दो अभ्यर्थियों के टॉप-10 में आने और बड़ी संख्या में युवाओं के चयन पर हर्ष व्यक्त किया।

जल संरक्षण और पर्यावरण में रचे नए कीर्तिमान

  • जल गंगा संवर्धन अभियान: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने प्रदेश की जल संचय नीति की सराहना की है। प्रदेश में अब तक 3.5 लाख से अधिक जल संरचनाओं का काम पूरा या प्रगति पर है। आगामी 19 मार्च से अभियान का अगला चरण शुरू होगा।
  • पचमढ़ी का गौरव: पचमढ़ी को जर्मन संस्था द्वारा 'ग्रीन डेस्टिनेशन' का प्रमाण पत्र मिला है। सरकार अब इसे देश के 'बेस्ट एनवायरमेंटल मॉडल' के रूप में विकसित करेगी।

किसानों को बोनस और डिजिटल क्रांति

​किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द की खरीद पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। उड़द पर बोनस देने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

​वहीं, प्रशासनिक सुधार की दिशा में प्रदेश ने 'संपदा 2.0' प्रणाली के जरिए डिजिटल पंजीयन में इतिहास रच दिया है। अब ई-पंजीयन और ई-स्टांपिंग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और पारदर्शी हो गई है।

खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों के लिए हेल्पलाइन

​मिडल ईस्ट (खाड़ी देशों) के मौजूदा हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन और भोपाल के वल्लभ भवन में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। संकट में फंसे प्रदेश के निवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है।

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