सागर,।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन और विकास को नई गति देने के लिए जल्द ही “स्टेट एआई मिशन” प्रारंभ किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मिशन राज्य के एआई विजन एंड एक्शन फ्रेमवर्क पर आधारित होगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव और डेटा-ड्रिवन बनाया जाएगा। एआई तकनीकों का उपयोग “ह्यूमन-इन-द-लूप” सिद्धांत के तहत किया जाएगा, जिससे सुरक्षा, पारदर्शिता और नागरिकों का विश्वास सुनिश्चित किया जा सके।

प्रेडिक्टिव गवर्नेंस से बेहतर फैसले
स्टेट एआई मिशन के तहत कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पहले ही पहचान संभव होगी। सभी एआई प्रणालियों में पारदर्शिता, ऑडिटेबिलिटी और प्राइवेसी संरक्षण सुनिश्चित करते हुए “रिस्पॉन्सिबल एआई” के सिद्धांत अपनाए जाएंगे।
प्रशासनिक कार्यों को अधिक कुशल बनाने के लिए अधिकारियों को ड्राफ्टिंग, विश्लेषण, निर्णय समर्थन और डेटा प्रबंधन से जुड़े एआई टूल्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगा मिशन
मिशन का क्रियान्वयन चरणों में किया जाएगा—
2026-27: वर्तमान एआई पहलों का समेकन और आधारभूत ढांचा मजबूत करना
2027-28: सफल प्रयोगों को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू करना
2028 से आगे: एआई को शासन की स्थायी क्षमता के रूप में विकसित करना

नागरिक सेवाओं में दिख रहा एआई का असर
प्रदेश में पहले से ही एआई आधारित कई प्लेटफॉर्म प्रभावी हो रहे हैं। एमपी ई-सेवा और संपदा 2.0 जैसे सिस्टम में फेस रिकग्निशन, पात्रता पहचान और रियल-टाइम ट्रैकिंग से सेवाएँ अधिक सरल और पारदर्शी बनी हैं।
कृषि क्षेत्र में एआई आधारित गिरदावरी, सिप्री परियोजना और एग्रीजीआईएस प्लेटफॉर्म के जरिए फसल मैपिंग और उपज का सटीक आकलन किया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता बढ़ी है।
सामाजिक सशक्तिकरण और रोजगार पर फोकस
एआई आधारित “सुमन सखी” कार्यक्रम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है, जबकि “एमपी कौशल रथ” और “ज्ञानकोष” के माध्यम से युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है।
एआई स्किलिंग और स्टार्टअप को बढ़ावा
राज्य सरकार स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के साथ मिलकर मजबूत एआई इकोसिस्टम तैयार करेगी। युवाओं और अधिकारियों के लिए एआई स्किलिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार मानव संसाधन तैयार हो सके।

सुशासन का नया मॉडल बनेगा प्रदेश
“मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत पर आधारित यह एआई मिशन नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को नई ऊंचाई देगा। सरकार का लक्ष्य एआई को प्रयोगशालाओं से निकालकर “पब्लिक गुड” के रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समावेशी और उत्तरदायी विकास सुनिश्चित हो 

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