रहली। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (पराली) जलाने की बढ़ती घटनाओं पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण और अग्नि हादसों की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार कार्यालय रहली ने दो किसानों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

 क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पटनाककरी में हल्का पटवारी राजेंद्र प्रसाद प्रजापति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि खसरा नंबर 252/6 (रकवा 0.69 हेक्टेयर) स्थित कृषि भूमि पर गेहूं की कटाई के बाद नरवाई में आग लगाई गई। यह घटना 27 मार्च 2026 की बताई जा रही है।
जांच में सामने आया कि वार्ड नंबर 15, रहली निवासी गणेश और भोले (पिता रामकुमार) ने कलेक्ट्रेट सागर द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए खेत में आग लगाई।

⚖️ इन धाराओं में होगी कार्रवाई
तहसीलदार द्वारा थाना प्रभारी रहली को भेजे गए पत्र में दोनों किसानों के खिलाफ निम्न धाराओं में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 173 व 223 – सरकारी आदेश की अवहेलना
वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 – पर्यावरण को नुकसान पहुँचाना

प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने साफ कहा है कि नरवाई जलाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इससे:
वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है
मिट्टी की उर्वरक क्षमता नष्ट होती है
बड़े अग्नि हादसों का खतरा बना रहता है
पशु-पक्षियों और जनजीवन पर खतरा मंडराता है

 किसानों से अपील की गई है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीकों से निपटान करें, अन्यथा आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

और नया पुराने
RNVLive NEWS WEB SERVICES