मध्यप्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में बहुचर्चित छात्र मारपीट मामले ने शनिवार देर रात दर्दनाक मोड़ ले लिया। आईईएस पब्लिक स्कूल के 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन बच्चे का शव लेकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे और शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा नगर के वार्ड क्रमांक 9 निवासी काव्य नामदेव तीसरी कक्षा का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि 19 फरवरी को स्कूल की शिक्षिका देवींद्री ठाकुर ने होमवर्क न करने पर बच्चे को स्केल से हाथ, पैर और सिर में बेरहमी से पीटा था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। पहले तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र, फिर भोपाल के चिरायु अस्पताल, जबलपुर के अपोलो अस्पताल और अंत में भोपाल एम्स में उसका इलाज चला, जहां शुक्रवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि चिरायु अस्पताल की एमआरआई रिपोर्ट में सिर में सूजन पाई गई थी, जिसे मारपीट से जोड़कर देखा गया। मृतक के मामा हेमंत नामदेव ने आरोप लगाया कि तेंदूखेड़ा थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोपी के नाम हटा दिए गए थे और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शनिवार रात करीब 2 बजे परिजन शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
हाईवे जाम करने की कोशिश, पांच थानों की पुलिस तैनात
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर तेंदूखेड़ा पहुंचे और दमोह-जबलपुर हाईवे पर एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 15 से 20 मिनट तक जाम जैसे हालात बने रहे, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को देखते हुए तेंदूखेड़ा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दमोह डीएसपी डीएस ठाकुर सहित जबेरा, नोहटा, तेजगढ़, तारादेही, इमलिया चौकी और तेंदूखेड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

“मारेंगे नहीं तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे” — मौसी का आरोप
मृतक की मौसी प्रीति नामदेव ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर शिक्षिका ने कहा था, “अगर बच्चों को मारेंगे नहीं तो वे पढ़ेंगे कैसे।” उन्होंने बताया कि घटना के बाद काव्य ने खाना-पीना छोड़ दिया था। परिवार पहले ही बड़े बेटे को 2022 में नरगुवा जलाशय हादसे में खो चुका है, अब दूसरे बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस बोली — पीएम रिपोर्ट के बाद बढ़ेंगी धाराएं
तेंदूखेड़ा में एसडीओपी का प्रभार संभाल रहे डीएसपी डीएस ठाकुर ने बताया कि घटना के समय शिक्षिका पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
स्कूल संचालक का पक्ष
स्कूल संचालक विक्रम सिंह राजपूत ने कहा कि शिकायत मिलते ही संबंधित शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन ने इलाज के दौरान परिवार की आर्थिक मदद भी की। संचालक ने कहा कि बच्चे की मौत से उन्हें भी गहरा दुख है और वे निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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