सागर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के सागर PIU से जुड़ा एक बेहद संगीन और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे इंजीनियरिंग कंसल्टेंट में आर.ई. (रेजिडेंट इंजीनियर) के पद पर कार्यरत अशोक कुमार उपाध्याय अब “नये नटवरलाल” के रूप में चर्चा में आ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार उपाध्याय ने जून 2023 में महाकौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर से एम.टेक की डिग्री हासिल की। लेकिन असली सवाल दिसंबर 2022 की तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा को लेकर खड़ा हुआ है। रिकॉर्ड के मुताबिक, उपाध्याय ने उस समय दो थ्योरी और दो प्रैक्टिकल परीक्षाएं दीं। चौंकाने वाली बात यह है कि उसी दौरान NHAI में उनकी उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) में पूरे महीने उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज है।
यानी सवाल यह उठता है कि आखिर अशोक कुमार उपाध्याय एक ही समय में दो जगह कैसे मौजूद थे? क्या यह कोई चमत्कार है या फिर दस्तावेजों में बड़ा खेल?
इतना ही नहीं, इस उपस्थिति की सत्यापित कॉपी NHAI में बिल भुगतान के लिए भी जमा की गई, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो जाता है।
जब इस पूरे मामले में अशोक कुमार उपाध्याय से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यहां तक कि उन्होंने अपने बेटे राकेश की शादी में शामिल होने तक से इनकार कर दिया, जबकि शादी के कार्ड के अनुसार तिलक 13 फरवरी 2025, विवाह 18 फरवरी और वधु आगमन 20 फरवरी 2025 को संपन्न हुआ था।
वहीं, जब NHAI के वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में जवाब लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मिलने से साफ इनकार कर दिया। इससे पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका भी गहराती जा रही है।
सूत्रों की मानें तो सड़क निर्माण कार्य के दौरान भी अशोक कुमार उपाध्याय की कई “काली करतूतों” की जानकारी सामने आ रही है, जिनका खुलासा जल्द होने की बात कही जा रही है।
अब देखना यह होगा कि “नये नटवरलाल” का यह खेल कब तक चलता है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल यह मामला सागर में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।


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