सागर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के शुभ अवसर तथा सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम सेवन (बांदरी) में सामाजिक समरसता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुद्वारा सरदार कॉलोनी सागर के ग्रंथी ज्ञानी रंजीत सिंह जी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय सागर की कुलसचिव डॉ. शक्ति जैन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के संयोजक भारत भारती शोध संस्थान के अध्यक्ष मधुसूदन खेमरिया रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ आई.जे. सिंह द्वारा प्रस्तुत ‘चाहिए आशीष माधव’ गीत से हुआ। इसके पश्चात सामाजिक समरसता विषय पर मुख्य अतिथि श्री भूपेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में समाज में एकता, सद्भाव और आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष ज्ञानी रंजीत सिंह जी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती एवं वीर बाल दिवस के अवसर पर उनके साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान पर प्रकाश डाला। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. शक्ति जैन ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर अपने विचार साझा किए। संयोजक मधुसूदन खेमरिया ने स्वागत भाषण में कहा कि इस ग्राम से प्रचारक के रूप में निकले स्वर्गीय गजाधर राव यादव तथा सागर से प्रचारक स्वर्गीय हरिश्चंद्र जैन के परिवारजनों की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष बनाती है। गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के स्वर्णिम अवसर पर मंच से स्वर्गीय गजाधर राव यादव के परिवार से अशोक यादव एवं स्वर्गीय हरिश्चंद्र जैन के परिवार से रश्मि जैन का सम्मान किया गया। अपने संबोधन में श्री खेमरिया ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के साथ उनके पुत्रों का शहादत दिवस भी है, जिसे हम वीर बाल दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन संपूर्ण हिंदू समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है।8

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