सागर। मकरोनिया स्थित सतनाम नर्सिंग होम एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। अस्पताल में भारी अनियमितताओं, गंदगी और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ के गंभीर आरोपों को लेकर शिवसेना ने मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना राज्य संगठक मध्यप्रदेश मनी सिंह गुरोन के नेतृत्व में संगठन ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अस्पताल या बीमारियों का अड्डा?
शिवसेना का आरोप है कि मरीज जहां इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, वहीं उन्हें बदहाल व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि अस्पताल की हालत ऐसी है कि मरीज अपनी बीमारी ठीक कराने आए और नई बीमारियां लेकर लौट जाए।
स्टाफ की पहचान तक मुश्किल!
आरोपों के अनुसार अस्पताल में कार्यरत स्टाफ किसी निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं रहता, जिससे मरीजों और परिजनों को यह तक पता नहीं चल पाता कि कौन नर्स है, कौन वार्ड बॉय और कौन अन्य कर्मचारी।
गंदगी का साम्राज्य, सफाई व्यवस्था बेपटरी
शिवसेना ने आरोप लगाया है कि अस्पताल परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और सफाई कर्मचारी अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
एक ही कर्मचारी, कई जिम्मेदारियां!
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि अस्पताल में कर्मचारियों से कई प्रकार के काम कराए जा रहे हैं। संगठन का दावा है कि मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सें निजी घरेलू कार्यों में भी लगाई जाती हैं, जबकि सफाई कर्मचारी अस्पताल और निजी कार्यों दोनों में उपयोग किए जा रहे हैं।
प्रबंधन पर गंभीर सवाल
शिवसेना ने आरोप लगाया है कि अस्पताल का संचालन डॉ. त्रिपत कौर के नाम पर हो रहा है, जबकि उनके पति डॉ. गुरनाम सिंह खर्च बचाने के लिए व्यवस्थाओं की अनदेखी कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि इसी कारण अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार लग गया है।
बायोमेडिकल वेस्ट बना बड़ा खतरा!
शिवसेना ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के अनुसार नष्ट नहीं किया जा रहा। आरोप है कि इस्तेमाल की गई सिरिंज, इंजेक्शन, मेडिकल बोतलें और अन्य खतरनाक कचरा अस्पताल के पीछे खुले क्षेत्र में फेंका जा रहा है, जो पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
मरीजों के साथ कोई घटना हुई तो कौन होगा जिम्मेदार?
शिवसेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अस्पताल की लापरवाही के कारण किसी मरीज के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल संचालक डॉ. गुरनाम सिंह और संचालिका डॉ. त्रिपत कौर की होगी।
IMA और CMHO से तत्काल कार्रवाई की मांग
शिवसेना ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्राइवेट नर्सिंग होम विंग के अध्यक्ष डॉ. संजीव मुखारिया से मांग की है कि वे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के साथ मिलकर तत्काल अस्पताल की जांच कराएं और दोष पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील किया जाए।
चेतावनी: कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
शिवसेना ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी नर्सिंग होम पैसे के दम पर जांच अधिकारियों को प्रभावित कर कार्रवाई से बच जाते हैं।
शिवसेना का कहना है कि उनका अभियान केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन अधिकारियों के खिलाफ भी मोर्चा खोला जाएगा जो जांच के नाम पर लीपापोती करते हैं। संगठन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग और निजी नर्सिंग होमों के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जा सकता है।

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