वर-वधू परिचय सम्मेलन में मचा बवाल, हजारों लोगों ने किया हंगामा; पैसे वापस मांगने पर बढ़ा विवाद
दमोह।
मध्यप्रदेश के दमोह में आयोजित एक वर-वधू परिचय सम्मेलन उस समय हंगामे में बदल गया, जब कार्यक्रम में पहुंचे युवकों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि आयोजकों ने 1100 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने के बावजूद उन्हें लड़कियां नहीं दिखाई। इससे नाराज लोगों ने दमोह-जबलपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब 45 मिनट तक यातायात बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार जबलपुर नाका स्थित एक निजी मैरिज गार्डन में राधिका फाउंडेशन सेवा समिति द्वारा ‘सर्व हिंदू समाज वर-वधू परिचय सम्मेलन’ का आयोजन किया गया था। सम्मेलन के लिए वर पक्ष से 1100 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया था। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में 529 युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि दमोह, सागर, जबेरा और तेंदूखेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 5 हजार लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे।
लड़की दिखाने के बजाय लौटाया – प्रतिभागियों का आरोप
सम्मेलन में पहुंचे कई प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर उन्हें लड़की दिखाने के बजाय वापस भेज दिया गया। तेंदूखेड़ा से आई लक्ष्मी लोधी ने बताया कि उन्होंने 13 मार्च को फॉर्म भरा था, लेकिन कार्यक्रम में पहुंचने पर उन्हें परिचय का मौका नहीं दिया गया। वहीं जबेरा निवासी महेंद्र विश्वकर्मा और पिपरिया कला के पुरुषोत्तम सेन ने भी कहा कि शुल्क जमा करने के बावजूद उन्हें लड़की देखने का अवसर नहीं मिला।
उपहार के दावों पर भी उठे सवाल
आयोजन समिति ने अपने पंपलेट में दावा किया था कि सम्मेलन के माध्यम से विवाह तय होने पर वर-वधू को गोडरेज अलमारी, फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन सहित 21 प्रकार के उपहार दिए जाएंगे। लेकिन कार्यक्रम में हुए विवाद के बाद लोगों ने इन दावों पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया।
आयोजक बोले – भीड़ ज्यादा होने से नहीं हो सका परिचय
आयोजक रीना खटीक का कहना है कि यह केवल परिचय सम्मेलन था, जिसमें कुंवारे युवक-युवतियों के साथ दिव्यांग और विधवा वर्ग के लोगों को भी शामिल किया गया था। उनके अनुसार कार्यक्रम में लड़कियां भी आई थीं, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण सभी का परिचय कराना संभव नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि आगे जोड़े तय होने पर अलग से विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा।
पैसे वापस मांगने पर बढ़ा विवाद
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि लोगों ने आरोप लगाया कि पैसे लेने के बावजूद वादे के अनुसार व्यवस्था नहीं की गई। जब प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन शुल्क वापस मांगना शुरू किया तो विवाद बढ़ गया और भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर करीब 45 मिनट बाद जाम खुलवाया।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को उनकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब तक करीब 529 लोगों के नाम सामने आए हैं।

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